मादा की स्तन ग्रंथि (Mammary Gland) का आरेखीय-काट (cross-sectional) दृश्यहै।
स्तन ग्रंथियां (Breasts) रूपांतरित स्वेद ग्रंथियां (sweat glands) होती हैं जो शिशु के पोषण के लिए दुग्ध (दूध) का निर्माण और स्राव करती हैं। चित्र में दिए गए सभी बिंदुओं (नामांकनों) की विस्तार पूर्वक जानकारी नीचे दी गई है:
1. मुख्य ग्रंथि संरचना (Main Glandular Structure)
वसा (Fat): स्तन का अधिकांश भाग वसा (Adipose tissue) से बना होता है। वसा की मात्रा ही मुख्य रूप से स्तन के आकार को निर्धारित करती है।
स्तन पाली (Mammary Lobe): प्रत्येक स्तन के ग्रंथि वाले ऊतक लगभग 15 से 20 स्तन पालियों (Lobes) में बंटे होते हैं।
स्तन कूपिका (Mammary Alveolus): प्रत्येक स्तन पाली के अंदर कोशिकाओं के गुच्छे पाए जाते हैं, जिन्हें कूपिका (Alveoli) कहते हैं। इन्ही कूपिकाओं की कोशिकाएं दूध (Milk) का स्राव करती हैं, जो कूपिकाओं की गुहाओं (ल्युमेन) में एकत्रित होता है।
2. दुग्ध प्रवाह मार्ग (Milk Pathway)
दूध के कूपिकाओं से बाहर निकलने का एक निश्चित मार्ग होता है, जिसमें नलिकाओं का तंत्र शामिल है:
स्तन नलिका (Mammary Duct): कूपिकाएं छोटी नलिकाओं में खुलती हैं। प्रत्येक पाली की नलिकाएं आपस में मिलकर एक बड़ी स्तन नलिका (Mammary duct) बनाती हैं।
तुंबिका (Ampulla): कई स्तन नलिकाएं आगे चलकर आपस में जुड़ती हैं और एक चौड़ा भाग बनाती हैं जिसे स्तन तुंबिका (Mammary Ampulla) कहते हैं। यहाँ दूध अस्थायी रूप से जमा हो सकता है।
दुग्ध वाहिनी (Lactiferous Duct): तुंबिका आगे चलकर दुग्ध वाहिनी से जुड़ी होती है। इसी वाहिनी के माध्यम से दूध निपल तक पहुँचता है और स्तन से बाहर निकलता है।
3. बाह्य संरचना (External Structure)
चूचुक / स्तनाग्र (निपल - Nipple): यह स्तन के बिल्कुल मध्य भाग में स्थित एक शंक्वाकार उभार होता है। कई दुग्ध वाहिनियाँ इसी निपल की सतह पर छिद्रों के माध्यम से बाहर खुलती हैं, जहाँ से शिशु दूध पीता है।
एरिओला / चुचुक पृष्ठ (Areola): निपल के चारों ओर त्वचा का एक वृत्ताकार, गहरे रंग का (गुलाबी या भूरा) क्षेत्र होता है, जिसे एरिओला कहते हैं। इसमें कुछ वसामय ग्रंथियां (Sebaceous glands) होती हैं जो निपल को चिकना बनाए रखती हैं।
4. सहायक वक्षीय संरचनाएं (Supporting Thoracic Structures)
ये वे संरचनाएं हैं जो स्तन ग्रंथि को छाती पर आधार और सुरक्षा प्रदान करती हैं:
वृहत् अंश पेशी (पेक्टोरेलिस मेजर - Pectoralis Major): यह छाती (Thorax) की मुख्य और बड़ी मांसपेशी है। स्तन ग्रंथि इसी मांसपेशी के ऊपर स्थित होती है। यह मांसपेशी स्तन को आधार प्रदान करती है।
पर्शुका (पसली - Rib):छाती की हड्डियों का ढांचा जो फेफड़ों और हृदय को सुरक्षित रखता है। वृहत् अंश पेशी इन्हीं पसलियों के ऊपर स्थित होती है।
पर्शुकाओं के बीच की पेशियाँ (Intercostal Muscles): दो पसलियों के बीच पाई जाने वाली मांसपेशियां। ये मुख्य रूप से श्वसन प्रक्रिया (सांस लेने और छोड़ने) में पसलियों को हिलाने का कार्य करती हैं।

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