- 'मत्त विलास प्रहसन' के लेखक थे- महेन्द्र वर्मन
- तीसरी शताब्दी में वारंगल प्रसिद्ध था- लोहे के यंत्रों/उपकरणों हेतु
- संस्कृत के कवि और नाटककार कालिदास का उल्लेख हुआ है- पुलकेशिन II के ऐहोल अभिलेख में
- एक चालुक्य अभिलेख के तिथि अंकन में शक संवत् का वर्ष 556 दिया हुआ है। इसका तुल्य वर्ष है- 634 ई.
- प्रसिद्ध संस्कृत लेखक दण्डिन् किसकी सभा को अलंकृत करते थे- पल्लव
- वह पल्लव राजा जिसकी उपाधि 'राजसिंह' थी- नरसिंहवर्मन् II (द्वितीय)
- 'नटराज' की प्रसिद्ध कांस्य मूर्ति एक उत्कृष्ट उदाहरण है- चोल कला
- वह राजवंश जो अपने शासन काल में ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर देते थे- चोल
- वह दक्षिण भारतीय राज्य जो अपनी नौसैनिक शक्ति (Naval Power) हेतु प्रसिद्ध था- चोल
- चोल गंगम नामक वृहद कृत्रिम झील बनवाने का श्रेय दिया जाता है- राजेन्द्र
- चोलों का राज्य किस क्षेत्र में फैला था- कोरोमण्डल तट, दक्कन के कुछ भाग
- चोल शासकों के शासनकाल में वारियम् उद्यान प्रशासन का कार्य देखता था- तोट्ट वारियम्चा
- लुक्यों की राजधानी थी- वातापी
- चोल राजाओं के स्नानागार एवं भोजनालय का प्रबंध देखते थे- स्त्रियाँ तथा पुरुष दोनों
- चोल शासक का नाम बताइये जिसने श्रीलंका के उत्तरी भाग पर विजय प्राप्त की- राजराज प्रथम
- चोल साम्राज्य को अंततः समाप्त किया था- मलिक काफूर
- वह चोल राजा कौन था जिसने श्रीलंका को पूर्ण स्वतंत्रता दी और सिंहल राजकुमार के साथ अपनी पुत्री का विवाह कर दिया था- कुलोत्तुंग I
- 72 व्यापारी, चीन में किसके कार्यकाल में भेजे गये थे- कुलोत्तुंग-I
- दक्षिणी भारत का प्रसिद्ध 'तक्कोलम का युद्ध' हुआ था- चोल एवं राष्ट्रकूटों के मध्य
- वह चीनी यात्री जिसने चालुक्यों के शासन काल में चीन एवं भारत के संबंधों का विवरण दिया है- ह्वेनसांग
- किस वंश द्वारा प्रायः महिलाओं को प्रशासन में उच्च पद प्रदान किए जाते थे- चालुक्य


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